जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर होगी दण्डात्मक कार्यवाही


कटनी (8 अक्टूबर)- विधानसभा निर्वाचन 2018 के चुनाव घोषणा के उपरान्त आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट केवीएस चौधरी ने आदेश दण्डा प्रक्रिया संहित 1973 की धारा 144 में प्रावधानों के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जनसामान्य व सामुदायिक एवं धार्मिक सद्भावना तथा लोक परिशांति बनाये राने के लिये तत्काल रुप से प्रतिबंधात्मक जारी किया गया है। एैसी स्थिति में सभी प्रभावित व्यक्तियों एवं संबंधित प्रत्येक व्यक्ति को सूचना देना संभव नहीं है। अतः यह आदेश एक पक्षीय रुप से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया है। जो कि कटनी जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर प्रभावशील रहेगा।
            जारी आदेश में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स का दुरुपयोग कर धार्मिक और सामाजिक एवं जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिये किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसार करना प्रतिबंधित होगा। साथ ही कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो भी प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिनसे धार्मिक, सामाजिक एवं जातिगत भावनायें भड़क सकती हैं।
            जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत एैसी पोस्ट को लाईक, फॉरवर्ड या शेयर नहीं किया जा सकता, जो धार्मिक, सम्प्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़काती हों। इसके लिये ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों पर रोक लगाये। इसके साथ ही विद्वेष फैलाने वाले लोगों अथवा समुदाय के मध्यम घुणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने अथवा उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं किया जायेगा और ना ही इसके लिये प्रेरित करेगा।
            प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भड़काने एवं उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेशों को भी प्रसारित नहीं करेगा। वहीं कोई व्यक्ति या सामुदाय द्वारा एैसे संदेश प्रसारित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है जिनसे व्यक्ति, संगठनन अथवा समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने उनसे या कोई विशेष कार्य या गैर कानूनी गतिविधयां करने का आव्हान किया गया हो। जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।
            आदेश का उल्लंघन करने की दशा में संबंधित के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, सायबर विधि तथा अन्य अधिनियमों के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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